मिठाई चोर 

घर में मेहमान आने वाले थे। सुधा सुबह से ही तैयारी में जुटी थी। कभी किचन में खाना बनाती तो कभी घर की साफ़-सफाई में लग जाती।  उनके पति दिनेश बाजार से खूब सारी मिठाई ले आये थे। मिठाईओं को कमरे में संभाल कर रखने के बाद उन्होंने अपने दोनों बच्चों, […]

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पैसे की अहमियत

सूरजभान के पिता की मृत्यु के बाद उनकी सारी धन दौलत और हवेली का वह अकेला वारिस था। पिता की मौत की खबर सुन न जाने कितने लोगों ने आकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी, सूरजभान के दुःख के समय में उसका साथ दिया।  पिता द्वारा छोड़ी संपत्ति का हिसाब लगाया […]

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कौन सी सेठानी-Hindi Story for Kids

अपने को गांव का सबसे अमीर आदमी समझने लगा था सेठ सुरेश चंद। जब देखो अपनी दौलत का दिखावा करना उसका शोक हो गया था।  कोई उसे मिलने आता तो उसे बैठाने से पहले बता देता ” यह सोफे मैंने लन्दन से मंगवाया है।” चाय पिलाते हुए बोल देता ” यह […]

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घमंडी का पतन

घनश्याम स्वर्णकार के हाथ में एक जादुई कला थी। उसकी कला देख ऐसा लगता था मानो, इंसान ने नहीं किसी मायावी शक्ति ने अपना कौशल दिखाया हो। जिस भी सोने के टुकड़े को हाथ में लेता उस पर ऐसी कलाकारी करता कि देखने वाला मन्त्र मुग्ध हो बस उस जेवर […]

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स्कूल का हीरो

प्रिंसिपल साहब ने चपरासी से कहा ” फ़ौरन जाओ और सुधीर को बुला लाओ। अगर टीचर कुछ कहे तो कह देना मैंने बुलाया है। ”  असल में उन्हें अभी पता चला था कि शिक्षा विभाग ने इस साल राजकीय खेल प्रतियोगता उनके स्कूल में करने का फैसला लिया था। स्कूल के […]

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सोने की चेन -Hindi Story for Kids

सुधाकर अपने पिता, भाई सुरेश और भाभी कंचन के साथ रहता था। माँ का देहांत कुछ साल पहले हो चूका था और पिता रिटायर थे। भाई एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। भाभी घर पर ही रहती थी और घर का सब काम खुद ही करती थी। सब खुश ही थे […]

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मेहनत का रंग – Hindi Story for Kids

व्यापारी की बेटी बड़ी हो चुकी थी। उसकी शादी को लेकर व्यापारी और उसकी पत्नी हमेशा चिंतित रहते थे। शादी ब्याह में खर्चा भी बहुत होना था, इसलिए व्यापारी पहले सी भी ज्यादा मेहनत करता था।  एक दिन व्यापारी को सामान खरीदने दुसरे शहर जाना था। सफर पर निकलने से पहले उसने अपनी बेटी से […]

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नकलची कौवा-Hindi Stories for Kids

खाने की तलाश में कौवा दिन भर इधर-उधर भटकता रहता।  पेड़ से गिरे फल उठा कर खाना तो बस पेट भरना ही था। लेकिन उसके मन की भूख शांत न होती। उसे तो चाहिए था किसी छोटे जानवर का गोश्त।  हफ़्तों भटकने के बाद कभी उसे किसी मरे हुए जानवर का गोश्त […]

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दो भाइयों की कहानी

सड़क दुर्घटना में माता-पिता की मृत्यु के बाद मोहन और सोहन अनाथ हो गए। न कोई भाई-बहिन या रिश्तेदार था जिन्हे दोनों अपना कह सकते। सिर्फ एक दुसरे का सहारा ही बचा था। मोहल्ले के लोग तो थे लेकिन वह तो सिर्फ सुख-दुःख में ही काम आ सकते थे मगर उनके […]

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तीसरा वर

बारिश से बचने के लिए गीता लगभग दौड़ते हुए अपने घर पहुँची। घर में प्रवेश करते ही सामने बैठे अपने पति कन्हैया पर बरस पड़ी।  ” हे भगवान, कैसे आदमी से मेरी शादी करवा दी जो मुझे एक छाता तक खरीद कर नहीं दे सकता।”  और न जाने कितनी बातें […]

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