मछलियों की एकता – Inspiring Story about Unity

मछलियों की एकता

मछली जल की रानी है। यह सुन सुन कर मछलियाँ दुखी थी। काहे की रानी, कोई भी मछुवारा आता और अपना जाल फ़ेंक उन्हें पकड़ कर ले जाता। 

 

एक दिन सब मछलियाँ इकठ्ठा हो कर अपनी महारानी के पास गयी और विनती की  “हमें मछुवारों से बचाओ, महारानी।” 

 

महारानी एक बहुत ही बड़ी और समझदार मछली थी। महारानी ने उन्हें बचाने का वादा किया और कहा ” जैसा मैं कहूँ, तुम सब वैसा ही करना।”

 

अगले दिन महारानी उन छोटी मछलियों की रक्षा के लिए उनके आस पास ही रही।  
 
 

जैसे ही मछुवारे ने अपना जाल फेंका तो बहुत सी मछलियाँ उसमे फँस गई। 

 

 

उस समय महारानी ने आदेश देते हुए कहा ” मेरा इशारा मिलते ही तुम सब एक साथ जोर लगाना और जाल अपने साथ लेकर समुन्दर की गहरायी में चली जाना।”

 

और फिर महारानी का इशारा मिलते ही सब मछलियों ने एक ही समय जोर लगाया और जाल लेकर भाग गयी। मछुवारा देखता ही रह गया। 

 

समुन्दर की गहरायी में महारानी ने अपने दांतों से उस जाल को काट दिया और सब मछलियाँ आज़ाद हो गयी। 

 

बच्चो, इस से हमें शिक्षा मिलती है कि ” एकता में बल होता है।”


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