रिश्ते नाते और संस्कृति – Family Values

रिश्ते नाते और संस्कृति

आपको स्थिर रखती है

 

एक लड़का अपने पिता को पतंग उड़ाते हुए देख रहा था। पापा की पतंग बहुत ऊपर हवा में उड़ता देख उसे मजा आ रहा था। तभी पड़ोस वाले अंकल ने भी अपनी पतंग उड़ा दी और फिर दोनों पतंगें एक दूसरे को काटने में जुट गयी। कभी पापा की तो कभी अंकल की पतंग आगे निकल जाती। 

 

यह सब देख उस छोटे से लड़के से चुप नहीं रहा गया और बोला “पापा, अगर आपकी पतंग में ये डोर ना होती तो आप की पतंग अंकल से बहुत ऊंची उड़ जाती।” 

यह सुन लड़के के पापा थोड़ा मुस्कराए और फिर कुछ सोच कर उन्होंने पतंग की डोर अपने हाथ से तोड़ दी। अब क्या था, डोर टूटते ही पतंग लहराते हुए कुछ दूर नीचे आ गिरी। बच्चा निराश हो कर रोने वाली शक्ल बना देखता ही रह गया। 

 

तब उसके पापा उसके पास आए और बोले “बेटा, जब हम जिंदगी में कुछ पा कर एक ऊँचाई छू लेते हैं तो हमें लगता है कि शायद इसी डोर की तरह कुछ लोग हमारे विकास में बाधा डाल रहे हैं।” “बेटा, यह डोर एक घर, देश, संस्कृति, दोस्तों, सम्बन्धियों की तरह है जो हमें स्थिर रखने में सहायक होते हैं। अगर हम इन सब से नाता तोड़ देते है तो कुछ ऊँचा उड़ने के बाद हमारा भी वही होता है जो डोर टूटने पर पतंग का हुआ।”


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