बकरी का बच्चा – Animal World

बकरी का बच्चा

बकरी के छोटे से, प्यारे से बच्चे ने अपनी माँ को हरी हरी घास खाते देखा।  
 
अपनी माँ को हरी घास खाता देख बकरी के बच्चे के मुँह में पानी आ गया। 
उसका भी मन हुआ हरी घास खाने का और घास की खोज में वो जँगल की तरफ निकल पड़ा। 

रास्ते में ठंडी हवा, उप्पर थोड़े बादल और चारों तरफ हरियाली देख वो बहुत खुश हुआ। 

जंगल पहुँचा तो उसे घास तो मिली पर उतनी हरी नहीं थी जितनी उसकी माँ खा रही थी। 

वो थोड़ा और आगे बड़ा और हरी घास को खोजते हुए वो घने जंगल में पहुँच गया। 

वहाँ मीठी सी हरी घास देख वो बहुत खुश हुआ और उछलता हुआ घास खाने लगा। 
घास इतनी अच्छी लगी कि वो बहुत सारी खा गया और उसके बाद उसी घास पर लेट कर सो गया। 

जब बकरी अपने बच्चे को ढूँढ़ते हुए जँगल पहुँची और उसे सोए हुए देखा तो उसे उठा के पूछा 

“तुम बिना बताए अकेले इतनी दूर क्यों आ गए।” तब बकरी के बच्चे ने मुस्कराते हुए कहा 

“माँ, में हरी घास खाने आया था और खाने के बाद नींद आ गयी।” इस पर बकरी बोली 

“अरे, खाने का मन था तो मुझे बोलते, मैं ला देती।”

तब शान से बकरी का बच्चा बोला 

” माँ, आप तो रोज़ खिलाती हो, लेकिन खुद ढून्ढ कर खाने में मजा ही कुछ और है।”


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