दुल्हन की सूझ बूझ – बहादुर लड़की-Brave Girl

दुल्हन की सूझ बूझ

एक लड़की की नयी नयी शादी हुई और वह गहनों से लदी अपने ससुराल में रहने दूसरे गाँव आ गयी। घर में रिश्तेदारों का ताँता लगा था सो नयी दुल्हन को कोई काम नहीं करने देता था।
 

कुछ दिन बाद सारे रिश्तेदार अपने अपने घर चले गए। अब घर के काम का सारा बोझ इस नयी दुल्हन पर आ गया।
 

सुबह उठ कर दीया बाती कर भगवान् की पूजा करना, कुँए से पानी भरना, साफ़ सफाई करना, खाना बनाना इत्यादि। सब काम वो ख़ुशी से करती और दिन मजे में गुजर रहे थे। पति और सास भी उसे बहुत प्यार करते थे।
 

एक दिन सुबह वो पानी भरने जब कुँए पर गयी तो वहाँ दो डाकू आ पहुँचे। दोनों डाकू बड़े लालायित हो उसके गहनों को देख रहे थे।
तभी एक ने कहा ” चुप चाप अपने गहने दे दो नहीं तो मार देंगे।”
 

नयी दुल्हन काफी घबरा गयी थी लेकिन उसने हौसले से काम लिया और जवाब दिया ” हाँ, ले लो मैंने कब मना किया, लेकिन इन नकली गहनों का करोगे क्या।”
 

दोनों डाकू हँसते हुए बोले ” तू इन्हे नकली कहेगी तो क्या हम मान लेंगे।”
 

दुल्हन बोली ” अरे ले जाओ इन्हे, मैं भी थक गयी हूँ इन नकली गहनों को पहनते पहनते।” “जब से शादी हुई है तब से सास ने असली तो बांध कर कुँए में छिपा दिए और मुझे दे दिए ये नकली।”
 

अब दोनों डाकू एक दूसरे को देखने लगे। तब एक बोला ” जा तू नीचे जा और असली गहने ऊपर लेकर आ।”
और देखते ही देखते एक डाकू पानी खींचने की रस्सी पकड़ कुए में उतर गया। उसके हाथ कुछ न लगा तो उसने अपने साथी को आवाज दी।
 

जैसे ही दूसरे डाकू ने नीचे झाँका, दुल्हन ने उसे पीछे से धक्का दे दिया। उसके नीचे गिरते ही दुल्हन ने पानी खींचने की रस्सी भी बाहर खींच ली। अब दोनों डाकू नीचे पानी में गोते खाने लगेऔर अपनी जान की भीख मांगने लगे। तब दुल्हन ने शोर मचा कर पूरे गाँव वालों को इकठ्ठा कर लिया। और फिर पुलिस बुला दोनों को उनके हाथ सौंप दिया।
 

देखा कैसे सूझ बूझ से नयी दुल्हन ने अपने जान माल की रक्षा की। इसलिए, समय कितना भी कठिन क्यों न हो, हमें हौंसले और बुद्धि से काम लेना चाहिए।

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