हिंदी मुहावरे – Hindi Muhavare – क

“क” से शुरु होने वाले हिंदी मुहावरे
Hindi Muhavare (Proverbs) starting with “क”
कमर कसना – तैयार रहना –
आतंकवादियों से लड़ने के लिए सारे विश्व (दुनिया) ने कमर कस ली है।

कफन सिर पर बाँधना – मरने को तैयार रहना –
सैनिक हमेशा सिर पर कफ़न बाँध कर ही जँग में जाते हैं।

कमर टूटना – हताश होना –
बढ़ती पेट्रोल कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।

कलेजा मुँह को आना – दुखी होना –
गरीब अपाहिज पर अत्याचार देख मेरा कलेजा मुँह को आगया।

कीचड़ उछालना – आरोप लगाना –
महँगाई के समय सब सरकार की नीतियों पर कीचड़ उछालते हैं।

कलई खुलना – रहस्य खुलना –
दूसरों की बुराई करने वालों की एक दिन कलई खुल ही जाती है।

काम आना – शहीद होना –
देश की आजादी के लिए शहीद भगत सिंह और न जाने कितने वीर काम आ गए।

काम तमाम करना – मार डालना –
आतंकवादी के देखते ही सैनिकों ने उसका काम तमाम कर दिया।

कंगाली में आटा गीलाआर्थिक तंगी में और नुक्सान होना –
भूषण का तो कंगाली में आटा गीला हो गया, नौकरी तो छूटी उपर से स्कूटर अलग चोरी हो गया।

कलेजे पर साँप लोटना – इर्षा होना –
हितेश की नयी कार देख अक्षय के कलेजे पर साँप लोटने लगे।

कीचड़ में पैर डालना – जानते हुए भी मुसीबत में पड़ना –
तरक्की होने ही वाली थी कि मालिक से झगड़ा कर गुप्ता जी ने कीचड़ में पैर डाल दिए।

कलेजा ठंडा होना – संतुष्टि मिलना –
हतियारे को फाँसी हुई तो सबका कलेजा ठंडा हुआ।

कलेजा मुँह को आना – मन बेचैन होना –
रेल दुर्घटना में मरने वालों को देख मेरा  को आ गया।

कान कतरना –  बहुत चालाक होना –
बातों में तो मेरा भाई किसी के भी कान कतर सकता है।

कान भरना – चुगली करना – 
एक दुसरे के कान भरना अच्छी बात नहीं है।

कान में तेल डालना – सुनकर भी अनसुना कर देना –
कितनी बार बोला कि सड़क को गन्दा मत करो, क्या कान में तेल डाल रक्खा है।

कान का कच्चा होना – कही-सुनी बात पर ध्यान देने वाला –
पुलिस वाले कान के कच्चे व्यक्ति की गवाही नहीं मानते।

कान पर जूँ न रेंगना – किसी बात का सर न होना –
माँ कहती रही कि पढ़ ले पर हरी के कान पर जूँ तक न रेंगी और वह फेल हो गया।

कोल्हू का बैल – दिन रात काम करना – 
घर चलाने के लिए गरीब को कोल्हू के बैल की तरह काम करना पड़ता है।

काठ का उल्लू – बेवकूफ़ व्यक्ति –
मदन को समझाने का क्या फायदा, वो तो काठ का उल्लू है।

कौड़ियों के मोल – सस्ता होना –
अक्सर रात के समय दुकानदार अपना माल कौड़ियों के मोल बेच देते हैं।

कायापलट होना – एकदम बदल जाना –
विदेश से लौटने के बाद तो दिनेश की काया ही पलट गयी।

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