हिंदी मुहावरे – Hindi Muhavare – अ

“अ” से शुरु होने वाले हिंदी मुहावरे
Hindi Muhavare (Proverbs) starting with “अ”

 

अँगूठा दिखाना – इंकार करना –
 वह दोस्त ही क्या जो सहायता मांगने पर अँगूठा दिखा दे।

अक्ल का दुश्मन – मूर्ख इंसान –
मेरे इतना समझाने पर भी उस अक्ल के दुश्मन ने फिर गाड़ी तेज चलायी।

अक्ल पर पर्दा पड़ना – बुद्धि खराब होना –
अक्सर संकट के आते ही लोगों की अक्ल पर पर्दा पड़ जाता है।

अंगारे उगलना – जली-कटी सुनाना –
इतनी मेहनत करने पर भी टीचर उस पर अंगारे उगलती रहती है।

अपना उल्लू सीधा करना – मतलब निकालना –
अफसरों की चमचागिरी कर कुछ लोग अपना उल्लू सीधा करते हैं।

अपना राग अलापना – केवल अपनी कहना –
अपने को अधिक बुद्धिमान समझ कुछ लोग हर वक़्त अपना ही राग अलापते रहते हैं।

अगर-मगर करना – टाल-मटोल करना –
नेता वायदे तो हज़ारों करते हैं लेकिन जब काम पड़े तो अगर-मगर करने लगते हैं।

अपना सा मुँह लेकर रह जाना – लज्जित हो चुप हो जाना –
अपने झूठ की पोल खुलने पर राकेश अपना सा मुँह लेकर रह गया।

अपने मुँह मियाँ मिटठू बनना – अपनी प्रशंसा स्वयं करना –
मजा तो उसमे है कि लोग आपकी तारीफ करें, नाकि अपने मियाँ मिटठू बनने में।

अंधे की लाठी  – अकेला सहारा –
बुढ़ापे में बच्चे ही माँ-बाप की अंधे की लाठी होते हैं।

अँगारों पर पैर रखना – खतरा मोल लेना –
पहाड़ों पर तेज गाड़ी चलाना अँगारों पर पैर रखने के समान है।

अपने पैरों पर खड़े होना – आत्मनिर्भर होने –
कब तक दोस्तों से उधार लोगे, अपने पैरों पर खड़ा होना सीखो।

अपनी खिचड़ी अलग पकाना – मिलजुल कर कार्य ना करना –
वेतन वृद्धि के लिए सबने मिल कर लिखित दिया लेकिन मैनेजर से मिलकर कैलाश अपनी खिचड़ी अलग पकाने लगा। 

 

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