बिल्ली और चूहे की दोस्ती

बिल्ली और चूहे की दोस्ती 

बच्चों अजीब तो लगता है, पर एक बार बिल्ली और चूहे की दोस्ती हो गयी। 
 
 
दोनों इतने गहरे दोस्त बन गए कि जहाँ भी जाते दोनों साथ ही जाते। 
 
 
घूमना फिरना, कभी इस घर में तो कभी उस पेड़ पर चढ़ना। दोनों खूब मौज मस्ती करते। 
 
 
एक दिन वो दोनों एक घर में गए तो किचन में एक गिलास में दूध दिखाई दिया। 
 
 
बस दूध देखते ही दोनों को भूख लग गयी। 
 
 
दूध तो गिलास में था इस लिए बिल्ली ने पंजा मार उसे जमीन पर गिरा दिया। 
 
 
दूध नीचे गिरा और दोनों लपक कर उसे अपनी अपनी जबान से चाटने लगे। 
 
 
चूहा तो छोटा था इसलिए उसका पेट जल्दी भर गया। 
 
 
पेट भरते ही वो कोने में जा लेट गया और उसे नींद आ गयी। 
 
 
कुछ देर बाद बिल्ली के चिल्लाने की आवाज़ सुन उसकी नींद टूटी। 
 

 
 
आंखें खोलते ही उसने देखा कि घर के मालिक ने जाल फ़ेंक बिल्ली को कैद कर लिया था। 
 
 
बिल्ली को जाल में कैद कर घर का मालिक दुसरे कमरे में चला गया। 
 
 
उसके बहार जाते ही चूहे ने भाग कर उस जाल को अपने पैने दाँतों से काट दिया। 
 
 
जाल के कटते ही बिल्ली और चूहा दोनों वहां से भाग गए। 
 
 
और दोनों की दोस्ती और भी पक्की हो गयी। 
 
 
बच्चों! बुरे वक़्त में दोस्त ही एक दुसरे के काम आता है। 

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