चूहे और शेर की दोस्ती

घने जंगल में भूख से पीड़ित एक चूहा मारा-मारा फिर रहा था। कितनी हंसी आती है यह सुन कर कि चूहे के पेट में भी चूहे दौड़ रहे थे। 
तभी उसे एक गुफा की तरफ से मांस की गंध आयी। बस फिर क्या था, लपककर गुफा में पहुँच गया। 
वहां पहुंचने पर उसने देखा कि मांस के बहुत से छोटे-छोटे टुकड़े जमीन पर बिखरे पड़े थे। भूख बहुत जोरो से लगी थी सो पलक झपकते ही सारे मांस के टुकड़े चट कर गया। इतना खाने के बाद नींद आना स्वाभाविक था। बस लम्बी सी डकार ले वहीँ कोने में सो गया। 
अभी वो सो रहा था कि अचानक शिकार से लौटा गुफा का मालिक शेर आ पहुँचा। घुसते ही शेर ने देखा कि गुफा कुछ बदली सी लग रही है। इतनी साफ़ और न ही कोई दुर्गन्ध। मगर इन सबको भूल वो अपने पंजों में फंसे शिकार को खाने लग गया। 
शिकार को पूरा खाने के बाद देखा कि छोटे-छोटे मांस के टुकड़े इधर-उधर जमीन पर फैल गए थे। पर क्या कर सकता था। पेट भर खाने के बाद शेर की आंखें भी बोझिल होने लगी और वो सो गया। 
कुछ देर बाद चूहे की नींद टूटी तो उसकी नज़र चारों तरफ फैले मांस के और टुकड़ों पर पड़ी। लपकर उसने उन सबको भी खा लिया। अभी खाया ही था कि उसकी नजर गुफा के बीचो बीच सोये शेर पर गयी। बस फिर क्या था, शेर को देखते ही चूहा कांपने लगा। सोचा, अगर शेर ने पकड़ लिया तो उसे भी खा जाएगा। जान बचाने के लिए वहां से भागने ही वाला था कि शेर जाग गया। 
शेर ने चूहे को भागते देख उसे पकड़ लिया। अब चूहा गिड़गिड़ाने लगा ” मैं तो मांस की गंध पाकर इधर चला आया था। मुझे पता होता कि यह जंगल के राजा की गुफा है तो मैं कभी इतनी हिम्मत न करता। मुझ गरीब को छोड़ दो।” और चूहा जोर जोर से रोने लगा। 
शेर ने भी सोचा कि इस चूहे को खा कर तो मेरे दांत भी गीले न होंगे। पर तभी उसे एहसास हुआ कि गुफा में इतनी सफाई इसी चूहे की वजह से हुई है। शेर समझ गया कि जो मांस के टुकड़े उसके खाते हुए इधर-उधर गिर जाते हैं उन्हें ही खाकर चूहे ने अपना पेट भरा होगा। 
तुरंत उसने चूहे को छोड़ कहा ” देखो, मैं तुम्हे नहीं खाऊँगा। तुम अगर चाहो तो मेरे मित्र बनकर यहाँ रह सकते हो।” ये सुन चूहे को यकीन ही न हुआ। 
तब शेर ने उसे समझाया ” मैं शिकार कर के लाता हूँ और फिर गुफा में बैठ कर खाता हुँ। अक्सर खाते हुए मांस के छोटे-छोटे टुकड़े यहाँ वहां गिर जाते हैं। और फिर कुछ देर बाद उनसे दुर्गन्ध आने लगती है। तुम आराम से यहाँ रहो और अपना पेट भरो और बदले में गुफा साफ़ हो जाया करेगी।”
और इस तरह एक दुसरे का दोस्त बन चूहा और शेर एक ही गुफा में रहने लग गए। 

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