अनुच्छेद-हमारे त्योहार और उनका महत्त्व-Anuchhed

अनुच्छेद – ‘ हमारे त्योहार और उनका महत्त्व ‘

 
रुपरेखा : हमारे उत्सव  – होली – दीपावली –  दशहरा  – ईद – क्रिसमस – राष्ट्रीय उत्सव 
 
हमारे देश भारत में विभिन्न धर्मों, सामाजिक मान्यताओं से जुड़े उत्सव बड़ी ही धूमधाम से मनाए जाते हैं। होली हिन्दुओं का अति प्रिय त्योहार हैं जब सब रंगों के मस्ती भरे वातावरण में लोग झूम उठते है और एक दूसरे को गले लगा पुराने बैर भुला देते हैं। दशहरा से पहले हर मोहल्ले के लोग नुक्कड़ राम लीला का आयोजन करते हैं। दशहरा के दिन श्री राम की रावण पर विजय की उदघोषणा कर रावण का पुतला जला कर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है। इसके बीस दिन बाद आता है दीपावली का त्यौहार। कई दिन तक घरों की सफाई का कार्यक्रम चलता रहता है। फिर घरों, दुकानों, बाजारों को रंग बिरंगी बत्तियों से सजाया जाता है और रात को आतिशबाजी करते हुए एक  दूसरे  का मुँह मीठा करवाया जाता है। ईद और मोहर्रम मुसलमानों के धार्मिक उत्सव है। ईद में रोज़े रखे जाते हैं जब मुसलमान दिन भर भूख प्यास को सह कर सिर्फ अल्लाह की इबादत में तल्लीन हो जाते हैं। ईसाई लोग ईसा मसीह के जन्मदिन की याद में क्रिसमस मनाते। गिरजाघरों और बाजारों में रौशनी कर यह एक महत्वपूर्ण उत्सव है। कुछ उत्सव ऐसे हैं जिन्हे हर हिंदुस्तानी मनाता है। जैसे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस। एक उत्सव प्राचीन लाल किले से प्रधानमंत्री के भाषण से शुरू होता है तो दूसरा इंडिया गेट पर जहाँ देश के राष्ट्रपति सेना, अन्य सुरक्षा दलों तथा स्कूली बच्चों की परेड की सलामी लेते हैं। यह है हमारे देश के मुख्य त्यौहार। 

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