अनुच्छेद-पर्यावरण-Anuchhed

अनुच्छेद – ‘ पर्यावरण ‘
 रुपरेखा : पर्यावरण क्या है – वृक्षों की भूमिका – मनुष्य का स्वार्थ मुख्य कारण – पर्यावरण सुरक्षा  

हवा, जल और प्रकाश प्रकृति की वह देन है जिसे हम पर्यावरण के रूप में जानते हैं। यही मानव जाति और अन्य जीव-जंतुओं के अस्तित्व का आधार है। प्रकृति ने हमें एक स्वच्छ और सुन्दर वातावरण दिया है लेकिन उसकी रक्षा हेतु हम खुद ही लाचार से दिखते हैं। मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए वातावरण को प्रदूषित और असंतुलित करने में लगे हैं। मानवीय प्रगति की होड़ में हम वृक्षों और जंगलों को काट उनकी जगह इमारतें और कारखाने खड़े कर रहे हैं। हमें प्रगति पाने की लालसा को नियंत्रित कर प्रकृति के दिए सुन्दर वातावरण और हवा से खिलवाड़ बंद करना होगा। पर्यावरण की सुरक्षा में वनों का बहुत बड़ा योगदान है। हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने चाहिए। वृक्ष जल के बहाव को रोक कर बाढ़ को नियंत्रित करते हैं। भूमि को रेगिस्तान बनने से रोकते हैं। वृक्ष नमी को सोख कर धरती के नीचे तक पहुंचा देते हैं जिससे भूमि उपजाऊ बनी रहती है। पर्यावरण की उपेक्षा करने से इसका परिणाम सारे विश्व को भुगतना पड़ सकता है। इसलिए समय पर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए शीघ्र ही ठोस कदम उठाए चाहिए ।

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