अनुच्छेद-दीपावली का पर्व-Anuchhed

अनुच्छेद – ‘ दीपावली का पर्व ‘
 

रुपरेखा : दीपावली क्या है – कब मनाते हैं इस पर्व को – हर्ष और धन में वृद्धि 

दीपावली दुनिया भर के हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। कार्तिक मास की अमावस्या की रात के समय इस पवित्र पर्व को मनाया जाता है। इस रात हर घर, दुकान और सरकारी भवनों में दीपक जलाए जाते हैं। इसी दिन श्री रामचंद्र जी रावण का वध कर अयोध्या लौटे थे। अयोध्या वासिओं ने घी के दिए जला कर उस अँधेरी रात में भी ख़ुशी का उजाला फैला दिया था। अच्छाई की बुराई पर जीत के इस त्यौहार को लोग बड़े ही चाव से मानते हैं। चारों तरफ सफाई अभियान चलते हैं। उत्साहित बड़े और बच्चे सब मिल कर एक दुसरे को पर्व की बधाई देते हैं। रिश्तेदारों, दोस्तों और कर्मचारियों को मिठाई बाँट खुशियां बिखेरते हैं। माँ लक्ष्मी के आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए हर घर में लक्ष्मी पूजन होता है। अपनी ख़ुशी व्यक्त करने के लिए रात के समय खूब आतिशबाजी होती है। इस ख़ुशी के पर्व पर अमीर-गरीब सब अपनी हैसियत की अनुसार खरीदारी करते हैं जिससे व्यापर में काफी वृद्धि होती है। 

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